
मेरे विचार में अब जबकि मामले से सम्बन्धित प्रमुख पक्ष सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने का मन बना रहे हैं राजनेताओं और सांप्रदायिक नेताओं को चाहिये कि वे अपने लाभ के लिये इस मामले का इस्तेमाल न करें और व्यर्थ की बयानबाजी से बाज़ आएं ।
सभी पाठकों के विचार एवं प्रतिक्रियाएं सादर आमंत्रित हैं ।



